Friday, September 4, 2020

अपने छात्रों को समर्पित

  "गुरु का मिलना आसान है, परंतु आदर्श शिष्य का मिलना कठिन"

इसी प्रसंग में आज यह दोहा मेरे उन सभी छात्रों को समर्पित है जो मेरी यादों में बसे हुए हैं और  मुझे हर  समय अपनत्व का एहसास दिलाते हैं।

गुरु शिष्य दोऊ खड़े,किसको कहूं महान।

बलिहारी मैं उन शिष्यों पर , जिन्होंने दिलाया मुझे सम्मान।।

मेरी पहली ऑनलाइन क्लास

 https://youtu.be/JtztXwIrGno

प्रस्तुत वीडियो उन शिक्षकों को समर्पित है जिन्होंने *ऑनलाइन शिक्षण* के द्वारा भी शिक्षा के क्षेत्र में अपना नया कीर्तिमान स्थापित किया हालांकि इसकी शुरुआत बहुत ही विडंबना पूर्ण स्थिति में हुई परंतु हम शिक्षकों ने पूरी तत्परता और कर्तव्य परायणता के साथ के साथ  ऑनलाइन शिक्षण की चुनौती को भी स्वीकार किया और अपने कर्तव्य के प्रति समर्पित रहे। शिक्षक दिवस के इस पावन अवसर पर मैं इस वीडियो द्वारा बताना चाहती हूं कि ऑनलाइन शिक्षण की पहली क्लास मैंने कैसे ली?